करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के दिशा निर्देशानुसार राष्ट्रीय प्रवक्ता पिन्टू बन्ना ताल ने बताया कि जो हिंदुत्व की आवाज बुलंद करते है। हम हमेशा उनके साथ है। और हमेशा वरिष्ठ पत्रकार अर्णब गोस्वामी के साथ खड़े है। उनके साथ महाराष्ट्र सरकार ओर पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए व्यवहार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर और विरोध के स्वर का दमन करने की अधिनायकवादी प्रवर्ति का प्रतीक है। कांग्रेश को आपातकाल समेत अनेक उदाहरणों का ध्यान करना चाहिए कि प्रेस का दमन करने वाली सरकारों का हश्न बुरा हुआ है। महाराष्ट्र सरकार की पुलिस ने कभी भी इतनी ज्यादा बहादुरी किसी आतंकवादी, अंडरवर्ल्ड डॉन, या पालघर, में मारे गए संतो के हत्यारों को पकड़ने में कभी क्यों नहीं दिखाई? दक्षिण गुजरात अध्यक्ष प्रताप सिंह दहिया ने कहा कि करणी सेना हमेशा सच्चाई की लड़ाई लड़ने वाले देशभक्त पत्रकारों के साथ खड़ी हुई है। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना 22 प्रदेशों में है। ओर सभी प्रेदेशो से महाराष्ट्र सरकार का घोर विरोध करती है। अगर महाराष्ट्र सरकार अर्णब गोस्वामी को रिहा नही करती है। तो सम्पूर्ण भारतवर्ष में करणी सेना इसका विरोध करेगी और सड़को पर उतरेगी ओर प्रदर्शन करेगी।

















