महाराष्ट्र बना ओवरऑल चैंपियन, राजस्थान उपविजेता
भारतीय खेल एवं शिक्षा परिषद (Indian Council for Sports & Education) के तत्वावधान में आयोजित 25वीं ICSE नेशनल चैंपियनशिप 2026 का भव्य एवं सफल समापन एम.बी. कॉलेज, उदयपुर (राजस्थान) में सम्पन्न हुआ। 7 से 9 जनवरी 2026 तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए जूनियर एवं सीनियर वर्ग (बालक व बालिका) के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस बहु-खेल प्रतियोगिता में वॉलीबॉल, कबड्डी, सॉफ्ट क्रिकेट, बास्केटबॉल, फुटबॉल एवं एथलेटिक्स जैसी खेल विधाएँ शामिल रहीं। कड़े मुकाबलों के बाद महाराष्ट्र की टीम ने ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया, जबकि राजस्थान की टीम उपविजेता (Runners-up) रही।
प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षण
• महाराष्ट्र का दबदबा: एथलेटिक्स, कबड्डी एवं टीम गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र ने सर्वाधिक पदक अर्जित कर शीर्ष स्थान हासिल किया।
• राजस्थान का दमदार प्रदर्शन: मेज़बान राज्य राजस्थान के खिलाड़ियों ने अंतिम क्षण तक कड़ी टक्कर दी और कई व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
• राष्ट्रीय मंच: प्रतियोगिता ने ग्रामीण व शहरी प्रतिभाओं को एक समान राष्ट्रीय मंच प्रदान किया।
सम्मान समारोह
समापन समारोह के दौरान विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर
भारतीय खेल एवं शिक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अरविंद चितौड़िया जी,राष्ट्रीय सचिव श्री धर्मेंद्र सिंह जी, प्रशासनिक सचिव श्री पंकज पांडे जी, जनसंपर्क अधिकारी श्री रुद्र जी,पंजाब सचिव श्री राजेश थापा जी, छत्तीसगढ़ सचिव, आयरन लेडी से महसूर नित्या जी ,उत्तर प्रदेश से श्री शुभम जी, पश्चिम बंगाल से श्री सूरज जी,
राजस्थान के आयोजक सचिव श्री आशुतोष कुमावत जी
सहित अनेक गणमान्य अतिथि, तकनीकी अधिकारी, कोच एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
परिषद का उद्देश्य
परिषद के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के साथ खेलों को बढ़ावा देना, युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करना परिषद का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मंच से निकले कई खिलाड़ी भविष्य में राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।
“खिलाड़ियों का यह जोश, अनुशासन और समर्पण इस बात का प्रमाण है कि भारत में खेल संस्कृति का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।”
















