मुंबई, 28 सितंबर, 2026: गणपति विसर्जन के बाद, मुंबई के प्रतिष्ठित शैक्षणिक समूहों में से एक, विवेकानंद एजुकेशन सोसाइटी (वी.ई.एस.) ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में कार्यरत संस्था वनशक्ति के सहयोग से दादर चौपाटी पर समुद्र तट स्वच्छता अभियान आयोजित किया। इस पहल में वी.ई.एस. के विभिन्न संस्थानों के 500 से अधिक छात्रों और वी.ई.एस. की एनएसएस टीम के साथ 40 शिक्षक एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने समुद्र तट से 2000 किलोग्राम से अधिक कचरा एकत्र किया।
इस अभियान में वी.ई.एस. पॉलिटेक्निक, वी.ई.एस. बिजनेस स्कूल, वी.ई.एस.कॉलेज ऑफ लॉ, वी.ई.एस. कॉलेज ऑफ फार्मेसी, वी.ई.एस. इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, वी.ई.एस. कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, वी.ई.एस. कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स, वी.ई.एस. इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च, वी.ई.एस. तुलसी टेक्निकल तथा स्वामी विवेकानंद हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज सहित विभिन्न वी.ई.एस. संस्थानों ने भाग लिया।
अभियान के दौरान प्लास्टिक, कपड़े और अन्य कचरा सहित विभिन्न प्रकार के कचरे को एकत्र किया गया, जिसे अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर समुद्र तट से उचित तरीके से हटाया गया। इस पहल ने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का अवसर प्रदान किया और साथ ही जिम्मेदार कचरा निपटान, सतत विकास तथा सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया।
पहल के बारे में बात करते हुए, विवेकानंद एजुकेशन सोसाइटी के सचिव, श्री राजेश गेहानी ने कहा, “समुद्र तट स्वच्छता अभियान एक ऐसी पहल है, जिसे हम पर्यावरण और व्यापक समुदाय के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता के तहत हर वर्ष आयोजित करते हैं। इस तरह की पहलों के माध्यम से हमारा उद्देश्य छात्रों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाने और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन के महत्व को समझने के लिए प्रोत्साहित करना है। वी.ई.एस. के विभिन्न संस्थानों से मिली भागीदारी पर्यावरण संरक्षण और समाज के प्रति सार्थक योगदान देने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
50 वर्षों से अधिक की विरासत के साथ, वी.ई.एस. ने अकादमिक उत्कृष्टता, मूल्य-आधारित शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया है। समुद्र तट स्वच्छता अभियान जैसी पहलों के माध्यम से वी.ई.एस. अपने छात्रों को पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण की दिशा में योगदान देने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता है।
















